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U.S. Undermining the Global Nuclear Testing Taboo – Hindi

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वैश्विक परमाणु परीक्षण वर्जना को क्षीण करता संयुक्त राज्य अमेरीका

रमेश जौरा द्वारा

बर्लिन | जेनेवा (IDN) – आगामी पाँच से दस वर्षों के लिए अमेरीका की परमाणु नीति, रणनीति, क्षमताओं और ताकत की अवस्था को दर्शाते हुए एक नया दस्तावेज यह घोषणा करता है कि ट्रम्प प्रशासन का इरादा परमाणु हथियारों के परीक्षणों पर प्रतिबंध लगाने वाली वैश्विक संधि को मंजूर करने का नहीं है। ना ही यह ऐसे परीक्षणों को पुन: आरंभ करने को खारिज करता है।    

2018 परमाणु अवस्था की समीक्षा (NPR), घोषणा करता है कि ‘‘संयुक्त राज्य अमेरीका व्यापक परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) की संपुष्टि का समर्थन नहीं करता है।’’ लेकिन संयुक्त राज्य अमेरीका व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि के लिए उपक्रम आयोग (CTBTO) का समर्थन करना जारी रखेगा।

अगस्त 2013 से कार्यकारी सचिव डॉ. लासिना जेब्रो की अध्‍यक्षता में CTBTO के मुख्य कार्य संधि का प्रचार करना और जांच-पड़ताल की शासन व्यवस्था का निर्माण करना है ताकि संधि के लागू होने पर यह क्रियाशील हो।

संयुक्त राज्य अमेरीका के रक्षा विभाग द्वारा 2 फरवरी, 2018 को जारी किए गए 2018 NPR में बताया गया है कि संयुक्त राज्य अमेरीका ‘‘संबंधित अंतरराष्ट्रीय निगरानी प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय डेटा केंद्र’’ का समर्थन करना जारी रखेगा।

CTBTO की निगरानी गतिविधियों को उजागर करते हुए, जेब्रो ने 26 फरवरी को नि:शरस्त्रीकरण संबंधी सम्मेलन के उच्च स्तरीय खंड को बताया कि अंतरराष्ट्रीय निगरानी प्रणाली (IMS) का ‘‘आधुनिक दुनिया की महानतम उपलब्धियों में से एक’’ के रूप में अभिवादन किया जाता है।  

जेब्रो ने जेनेवा में जहां 1990 के दशक में CTBT पर आपसी बातचीत हुई थी, 65-राष्ट्रों के सम्मेलन, बहुपक्षीय नि:शस्त्रीकरण समझौता वार्ता मंच को बताया था कि वैश्विक रूप से विस्फोटक परमाणु परीक्षण को समाप्त करना परमाणु हथियारों के प्रसार – मौजूदा परमाणु हथियारों की क्षमता में वृद्धि और परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्रों की संख्या में वृद्धि दोनों, को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।

CTBT की प्रस्तावना में, उन्होंने कहा था, राष्ट्रों की ओर से हस्ताक्षर करने वाले लोगों ने इस बात को माना है कि किसी के भी द्वारा परमाणु हथियार परीक्षण संबंधी सभी विस्‍फोटों और सामान्यत: सभी परमाणु विस्‍फोटो पर रोक हर तरह से परमाणु नि:शस्त्रीकरण और अप्रसार का एक प्रभावी उपाय है।

ऐसे उपायों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला IMS जब पूर्ण होगा तो इसके पास परमाणु विस्‍फोटों के संकेतों के लिए ग्रह की निगरानी करने हेतु दुनिया भर में 337 सुविधाएं होंगी। CTBTO के स्रोत का कहना है कि लगभग 90 प्रतिशत सुविधाएं पहले से काम कर रही हैं।

यद्यपि CTBT द्वारा हर एक द्वारा हर एक जगह पर परमाणु विस्‍फोटों को प्रतिबंधित किया जाना लगभग सार्वभौमिक है तथापि यह लगभग 22 वर्षों से उपेक्षा की स्थिति में है और इसे अभी कानून का रूप लेना है।

संयुक्त राज्य अमेरीका और 182 अन्य राष्ट्रों ने संधि पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जिनमें से 166 ने इसकी संपुष्टि भी कर दी है। इनमें तीन परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र: फ्रांस, रूस और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। लेकिन CTBT के लागू होने से पहले 44 विशिष्ट परमाणु प्रौद्योगिकी धारक राष्ट्रों को इस पर हस्ताक्षर करने होंगे और इसकी संपुष्टि करनी होगी।  

इनमें से, आठ अभी भी गायब हैं: चीन, मिस्त्र, भारत, ईरान, इज़राइल, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान और संयुक्त राज्य अमेरीका। इनमें तीन देशों, भारत, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान को तो अभी CTBT पर हस्ताक्षर करने हैं।

2018 NPR गैर-हस्‍ताक्षरकर्ता देशों का परमाणु परीक्षण न करने के लिए आह्वान करता है और बताता है कि संयुक्त राज्य अमेरीका ‘‘तब तक परमाणु विस्फोट परीक्षण पुन:आरंभ नहीं करेगा जब तक कि ऐसा करना संयुक्त राज्य अमेरीका के शस्त्रागार की सुरक्षा और प्रभाविता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक ना हो जाए।’’ लेकिन साथ ही यह जोड़ता है कि ‘‘यदि गंभीर तकनीकी या भूराजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए ऐसा करना आवश्यक हुआ तो संयुक्त राज्य अमेरीका परमाणु परीक्षण पुन: आरंभ करने’’ के लिए तैयार रहेगा।

NPR ‘‘निर्णय लेने से लेकर विस्तृत विकास कार्य आरंभ करने तक मुखास्त्र के डिज़ाइन, विकास, और आद्यत: उत्पादन करने के लिए अपेक्षित समय को कम करने’’ की भी मांग करता है। वाशिंगटन डी.सी. स्थित शस्त्र नियंत्रण संघ (ACA) ने ध्यान दिलाया कि नवंबर 2017 में जारी की गई वार्षिक राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन (NNSA) की रिपोर्ट वैश्विक परमाणु परीक्षण वर्जना को क्षीण करते हुए ‘‘साधारण [परमाणु] परीक्षण’’ विस्‍फोट करने के लिए पूर्व की तैयारी समय-सीमा को 24 से 36 माह से कम करके 6 से 10 माह करती है।  

नि:शस्त्रीकरण और ख़तरा कम करने संबंधी नीति के कार्यकारी निदेशक डारिल जी. किम्बेल और निदेशक किंगस्टन रीफ द्वारा ACA के अंक का सारांश में कथन है: ‘‘कम की हुई इस समय-सीमा का अर्थ है कि संयुक्त राज्य अमेरीका को ‘साधारण परीक्षण’ विस्फोट करने का निर्णय करने के लिए इतना समय चाहिए,और यह ऐसा करने के लिए 6 से 10 माह के भीतर तैयार होगा।’’

अंक के सारांश में आगे कहा गया है: ‘‘जबकि NNSA की रिपोर्ट और NPR दोनों इस बात की पुन:पुष्टि करते हैं कि ‘भूमिगत परमाणु परीक्षण करने की कोई वर्तमान आवश्‍यकता नहीं है,’ CTBT की संपुष्टि को प्रशासन द्वारा हड़बड़ी में नामंजूर करने, के साथ NNSA की परीक्षण तैयारी की संशोधित समय-सीमा सुझाव देती है कि ट्रम्प प्रशासन केवल परमाणु परीक्षण पुन:आरंभ करने के द्वार को खुला रखते हुए निगरानी प्रणाली से डेटा सहित संधि के लाभ लेने का इच्छुक है।’’

संयुक्त राज्य अमेरीका के प्रशासन के CTBT की संपुष्टि ना करने के निर्णय के बावजूद, संयुक्त राष्ट्र के अधिकांश सदस्यों के समर्थन से इसे लागू करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेज़ ने जेनेवा-आधारित 65-राष्ट्रों के नि:शस्त्रीकरण संबंधी सम्मेलन में को बताया कि ‘‘हमें अविलंब व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि लागू करनी चाहिए,’’ और इस बात पर बल दिया कि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में नि:शस्त्रीकरण और शस्त्र नियंत्रण अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी सहमति के अनुसार प्रणाली के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।

छह माह पहले, परमाणु परीक्षण विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस को जो हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है, उन्होंने सभी देशों से संधि पर हस्ताक्षर करने और संपुष्टि करने का आग्रह किया।

CTBTO के कार्यकारी सचिव जेब्रो ने नि:शस्त्रीकरण संबंधी सम्मेलन में बताया कि CTBT के ‘‘लक्ष्यों को प्राप्त करना बेहद सरल है’’ और ‘‘परमाणु अप्रसार तथा नि:शस्त्रीकरण पर कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आगे की किसी भी कार्रवाई की सफलता अंतरराष्ट्रीय समुदाय के ‘इसके द्वारा आरंभ किए कार्य को समाप्त करने’ के संकल्प और राजनीतिक इच्छा पर निर्भर करेगी।’’

उन्‍होंने कहा कि: ‘‘इसका अर्थ है कि CTBT को कानूनी रूप देने के लिए समर्पित एवं संगठित प्रयास करना; यह सुनिश्चित करना कि अरबों डॉलर का निवेश भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित है; और इस कार्य को पूरा करने के लिए जरूरी अन्‍य नि:शस्त्रीकरण संधियों के लिए ठोस आधार स्थापित करते हुए प्रगति के लिए एक मंच प्रदान करना।’’

2020 NPT समीक्षा सम्मेलन के बारे में जेब्रो ने कहा, यह स्पष्ट है कि सफल परिणाम प्राप्त करने के लिए भरोसा और विश्वास प्रमुख तत्व है। ‘‘हमें जो संस्थाएं और साधन हमारे पास हैं उनकी अखंडता बनाए रखने और उनमें तथा उनके आसपास भरोसे का वातावरण बनाने के लिए बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। इसका अर्थ है NPT तथा जिम्मेदारियों की इसकी संपूर्ण शृंखला को संभालना और सुरक्षा करना-CTBT का लागू होना जिसका एक अखंड भाग है।’’  

कोरियाई प्रायद्वीप में स्थिति का उल्लेख करते हुए, जेब्रो ने कहा: ‘‘ओलंपिक्स की भावना प्योंगयांग-सिओल के संबंधों को बढ़ावा दे सकती है। इससे संवाद के लिए अवसर के वास्तविक द्वार खुलेंगे। CTBT ऐसे संवाद के साधन के रूप में काम कर सकता है: CTBT पर संभावित हस्ताक्षर की ओर बढ़ता एकतरफ़ा घोषित परीक्षण निषेध एक शुरूआत होगी।’’ (12.03.2018)

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